सटीक समाचार, चंडीगढ़। Haryana Assembly Uproar: हरियाणा के कांग्रेस विधायकों और पुलिसकर्मियों के बीच 27 अगस्त को विधानसभा गेट पर हुई धक्कामुक्की का मामला गर्माया गया है। यह मामला राज्यपाल के पास भी पहुंच गया है। कांग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में कांग्रेस के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। कांगेस विधायकों का आरोप है कि 27 अगस्त को विधानसभा के गेट पर पुलिसकर्मियों ने उनको अंदर आने से रोका और धक्कामुक्की व बदसुलूकी की।
राज्यपाल को ज्ञापन दिया और तस्वीरें व वीडियो भी दिखाए
प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस विधायकों के साथ हुए दुर्व्यवहार, धक्का मुक्की, उनके विधानसभा प्रांगण में प्रवेश में अवरोध पैदा कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के उल्लंघन के संबंध में राज्यपाल से निष्पक्ष जांच कर उचित कारवाई की मांग की। राज्यपाल को घटना की तस्वीरें और वीडियो भी दिखाया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि कांग्रेस के विधायकों द्वारा जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई, कानून व्यवस्था, HKRN, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, मंदिरों में चंदा चोरी, पेपर लीक व भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का जातिसूचक क्रिया-कलापों के जरिए अपमान आदि मुद्दों को मार्च निकाला गया था। यह लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण ढंग से अपना विरोध दर्ज करवाने का कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इस क्रम में सभी कांग्रेसी विधायक हाथों में प्ले कार्ड लेकर शांतिपूर्ण तरीके से नारे लगाते हुए विधानसभा भवन की ओर मार्च कर रहे थे।

ज्ञापन में कहा गया कि सभी विधायक निर्धारित सुरक्षा के अंतर्गत CISF तथा चंडीगढ़ पुलिस द्वारा किए गए सुरक्षा परीक्षणों में गुजरने के पश्चात हरियाणा विधानसभा परिसर में प्रवेश बिंदु तक बिना किसी अवरोध या अप्रिय घटना के पहुंचे थे। इस प्रवेश बिंदु पर हरियाणा पुलिस की भारी संख्या में मौजूदगी आश्चर्यजनक व अभूतपूर्व थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हरियाणा लोकतांत्रिक राज्य नहीं है।
कहा- पुलिस ने विधानसभा के अेग् पर जबरन रोका
ज्ञापन में कहा गया है कि विधानसभा की स्वायत्तता और गरिमा का पुलिस द्वारा खुलेआम मर्दन और दमन पीड़ादायक भी था और चिंताजनक भी। वहां पुलिस व विधानसभा के सुरक्षा कर्मियों का व्यवहार असामान्य रूप से असम्मानजनक, अनुचित एवं आक्रामक था। हम सबको बलपूर्वक रोका गया और विधायकों के साथ धक्का-मुक्की की गई।
हुड्डा और विधायकों ने राज्यपाल से कहा कि पुलिस बल का प्रयोग प्रदेश में बढ़ते हुए अपराधों को रोकने की बजाय जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने के लिए किया गया जो गंभीर चिंता का विषय है। पूरी तरह से नियमानुसार किया जा रहे प्रदर्शन को हरियाणा पुलिस लगाकर इसे बलपूर्वक रोका गया।
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ज्ञापन में कहा गया है कि हमने विधानसभा में यह जानना चाहा कि यह सब किसके आदेशों पर और किस नियम के अंतर्गत किया गया परंतु न तो अध्यक्ष महोदय और न ही सदन के नेता ने कोई संतोषजनक जानकारी दी और न ही इसकी जिम्मेवारी ली। हम पुलिस बल के सहारे सदन चलाने की नई परिपाटी का पुरजोर विरोध करते है, क्योंकि यह लोकतंत्र का मज़ाक है।
राज्यपाल से उचित कार्रवाई करने की मांग
कांग्रेस विधायकों ने ज्ञापन में कहा कि विधानसभा प्रदेश में लोक शक्ति का सर्वोच्च प्रतीक है और यह स्वतंत्र विचार विमर्श,अबाध जनप्रतिनिधित्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रतिपादन का सर्वोच्च केंद्र है। संविधान निर्माता ने राज्य की शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत के अनुसार विधानसभा की गरिमा और स्वायत्तता पर विशेष बल दिया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है इसका अतिक्रमण कार्यपालिका द्वारा हो रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि महामहिम राज्यपाल से अनुरोध है कि राज्य का संवैधानिक प्रमुख होने के नाते इस गंभीर विषय पर निष्पक्षता, संवैधानिक मर्यादा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें।


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