पंजाब के कानूनगो और पटवारियों को बड़ी राहत, सरकार ने बहाल की जिलास्‍तरीय कैडर

Punjab Cabinet Meeting: पंजाब कैबिनेट की बैठक सीएम भगवंत मान की अध्‍यक्षता में हुई।
Punjab Cabinet Meeting: पंजाब कैबिनेट की बैठक सीएम भगवंत मान की अध्‍यक्षता में हुई।
Published: 31 Oct, 2026 at 11:58 PM

सटीक समाचार, चंडीगढ़। Punjab Cabinet Decisions: पंजाब में कानूनगो और पटवारियों को बड़ी राहत मिली है। भगंवत मान सरकार ने कानूनगो और प‍टवारियों के जिलास्‍तरीय कैडर को बहाल करने का रास्‍ता साफ कर दिया है। राज्‍य मंत्रिमंडल की शनिवार को हुई बैठक में राजस्‍व पटवारियों और कानूनगो के सेवा नियमों में संशोधनों को मंंजूरी दे दी। इससे अब उनका जिलास्‍तरीय कैडर बहाल होगा।

केबिनेट ने सेवा नियमों में संशोधनों को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्‍यक्षता में पंजाब कैबिनेट की बैठक में प्रशासनिक उलझनों को दूर करने, कृषि ढांचे को बेहतर बनाने, श्रमिकों के कल्याण को सुरक्षित करने और स्वच्छ शहरी वातावरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसले किए। कैबिनेट ने लहरागागा में नई अनाज मंडी की स्थापना, श्रमिकों से संबंधित नियमों के तीन सेट और मोहाली क्लस्टर के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस (सी.बी.जी.) प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी।

पटवारियों और कानूनगों के जिला स्तरीय कैडर की बहाली

कैबिनेट ने पंजाब राजस्व पटवारी (ग्रुप सी) सेवा (संशोधन) नियम, 2026 और पंजाब राजस्व कानूनगो (ग्रुप सी) सेवा (संशोधन) नियम, 2026 को अपनी स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्‍ता ने बताया कि राजस्व विभाग ने पंजाब राजस्व पटवारी (ग्रुप सी) सेवा नियम, 2023 तैयार किए थे।

इनमें पटवारियों के प्रशिक्षण की अवधि को डेढ़ साल से घटाकर एक साल कर दिया गया था, जबकि जिला स्तरीय कैडर ढांचे और नियुक्ति प्राधिकारी के रूप में जिला कलेक्टर को बरकरार रखा गया था। हालांकि, 14 मार्च, 2024 को अधिसूचित एक संशोधन के माध्यम से नियुक्ति प्राधिकारी को जिला कलेक्टर से बदलकर डायरैक्टर लैंड रिकॉर्डज़, पंजाब कर दिया गया था।

जिलास्‍तरीय वरिष्‍ठता सूचियों को विलय कर साझा सूची होगी तैयार

इसके बाद जिलास्तरीय वरिष्ठता सूचियों का विलय करके पूरे राज्य की एक साझा वरिष्ठता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस प्रक्रिया से कई कानूनी चुनौतियां और प्रशासनिक उलझनें पैदा हुईं, विशेष रूप से उन पटवारियों के संबंध में जिन्होंने अपनी वरिष्ठता छोड़ने की स्पष्ट शर्त पर अपनी मर्जी से जिला-बदली के तबादले चुने थे।

राज्यस्तरीय वरिष्ठता सूची ने ऐसी वरिष्ठता रद्द करने के प्रभाव को समाप्त कर दिया, जिससे कैडर प्रबंधन में उलझनें पैदा हो गईं। इन उलझनों को दूर करने, प्रशासनिक ठहराव खत्म करने और राजस्व विभाग के कामकाज में अधिक कुशलता सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने प्रशासनिक सुधार उपाय के रूप में पटवारियों के जिला स्तरीय कैडर बहाल करने का फैसला किया।

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संशोधित नियमों के तहत जिला कलेक्टर जिला स्तर पर पटवारियों और कानूनगों के लिए नियुक्ति प्राधिकारी होगा, जबकि उनकी वरिष्ठता सूची भी संबंधित जिला कलेक्टरों द्वारा ही बनाई जाएगी। ये संशोधन ढांचे को पहले के पंजाब राजस्व पटवारी (ग्रुप सी) सेवा नियम, 2023 और पंजाब कानूनगो (क्लास III) सेवा नियम, 1994 के अनुरूप बनाते हैं।

लहरागागा में नई अनाज मंडी की स्थापना का रास्ता साफ

कैबिनेट ने जिला संगरूर की तहसील लहरागागा के गांव खंडेबाद में स्थित 217 कनाल 14 मरले सरकारी जमीन को राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन विभाग से पंजाब मंडी बोर्ड को नई अनाज मंडी स्थापित करने के लिए हस्तांतरित करने की मंजूरी दी। यह जमीन 15 लाख रुपये प्रति एकड़ के कलेक्टर रेट पर हस्तांतरित की जाएगी, जिसकी कुल कीमत 4.08 करोड़ रुपये होगी। प्रस्तावित अनाज मंडी से बेहतर मंडीकरण ढांचा मिलने और इलाके के किसानों तथा आम लोगों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

तीन लेबर कोड नियमों को मंजूरी

कैबिनेट ने पंजाब में श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा प्रबंधों के क्रियान्वयन को मजबूत करने के उद्देश्य से नियमों के तीन महत्वपूर्ण सेटों को भी मंजूरी दी। इनमें वेजेज कोड, 2019 के तहत बनाए गए ‘कोड ऑन वेजेज (पंजाब) रूल्स, 2026’; ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस कोड, 2020 के तहत बनाए गए ‘पंजाब ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशंस रूल्स, 2026’; और कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत बनाए गए ‘पंजाब सोशल सिक्योरिटी रूल्स, 2026’ शामिल हैं। इन स्वीकृतियों से पंजाब में इन लेबर कोडों को लागू करने के लिए आवश्यक राज्य-स्तरीय नियामकीय ढांचा उपलब्ध होगा।

मोहाली को मिलेगा गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्ट

कैबिनेट ने मोहाली क्लस्टर के लिए गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (सी.बी.जी.) प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रिन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड को देने की भी मंजूरी दी। यह प्रोजेक्ट नगर निगम एसएएस नगर (मोहाली) के अधीन गांव समगौली, डेराबस्सी में स्थापित किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य शहर में पैदा होने वाले गीले कचरे का कुशल और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित करना है, जिससे कचरा निपटान के बोझ को कम किया जा सके। यह प्रोजेक्ट स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त शहरी वातावरण विकसित करने में भी योगदान देगा, जिससे लोगों के जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार होगा।

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