सटीक समाचार, पानीपत। Panipat: शहर के एसडी पीजी कॉलेज में रक्तदान शिविर (Panipat Blood Donation) का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने रक्त का महादान किया। रक्तदान शिविर का शुभारंभ पानीपत शहरी के विधायक प्रमोद विज ने किया। इसका आयोजन एसडी पीजी कॉलेज की राष्ट्रीय सेवायोजना, यूथ रेडक्रॉस और रोटरी पानीपत मिडटाउन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
विधायक प्रमोद विज ने कहा- तीन माह में कर सकते हैं रक्तदान
विधायक प्रमोद विज ने कहा कि एक वयस्क पुरुष एवं स्त्री में 5 से 6 लीटर तक रक्त होता है। कोई भी व्यक्ति हर तीन महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है। 450 मिली रक्त से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। भारत में प्रत्येक दो सेकंड में किसी न किसी व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है, लेकिन दुखद पहलू यह है कि रक्तदान करने योग्य व्यक्तियों में से सिर्फ चार प्रतिशत ही रक्तदान करते हैं।

उन्होंने इस कैंप में रक्तदान करने वाले युवाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने के बाद किसी का जीवन बचने से हमें आत्मसंतोष होता है। ऐसे में मानव जीवन की रक्षा के लिए रक्तदान परमात्मा की सर्वोत्तम आराधना है।
रक्तदान से शरीर को कई तरह के फायदे: विकास छाछरा
रोटरी पानीपत मिडटाउन (Rotary Panipat Midtown) के प्रोजेक्ट चेयरमैन विकास छाछरा ने कहा कि रक्त हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। इसका विकल्प केवल और केवल रक्त ही है। बढ़ती दुर्घटनाओं के मद्देनजर आज रक्त की मांग में काफी वृद्धि हुई है। अस्पताल भी रक्त के बिना कुछ नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि रक्तदान के हमारे शरीर को कई फायदे होते हैं। जब हम रक्तदान करते हैं तो हमारे खुद के शरीर में कैंसर जैसी कई बीमारियों के खतरे कम हो जाते हैं। रक्तदान से लिवर और पाचन ग्रंथि भी तंदुरस्त रहती है और दिल का स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है । रक्तदान से लाखों जानें बच सकती हैं। रक्तदान करने से शरीर में नई रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में वृद्धि होती है । रक्तदान के मिथकों और भ्रांतियों को तोड़कर ही हम रक्तदान करने के भय से मुक्त हो सकते हैं।

एक यूनिट रक्त के दान से तीन लोगों की जिंदगी बचा सकते हैं: संजीव गुप्ता
रोटरी प्रधान संजीव गुप्ता ने कहा कि जीवन बचाने में रक्तदान की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकांश स्वास्थ्य जटिलताओं में रक्त की आवश्यकता सबसे पहले पड़ती है । जीवन को बचाने, रोगी की सर्जरी में मदद, कैंसर के उपचार, पुरानी बीमारियों और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरों के लिए रक्दान अत्यधिक आवश्यक है।
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उन्होंने कहा कि साल में एक से ज्यादा बार रक्तदान करना भी सुरक्षित है। रक्त का किसी लेबोरेटरी या फैक्ट्री में निर्माण नहीं किया जा सकता है। भारत में हर 2 सेकेंड में रक्त की जरूरत होती है और एक यूनिट रक्त के दान से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है।
रक्तदान सबसे नेक कार्य: संदीप
उपप्रधान संदीप खेर कहा कि ब्लड डोनेशन कैंप को आयोजित करने का मूल उद्देश्य सामान्य जन में दैवीय भावों को उत्पन्न करना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राएं खुद को देश और समाज से जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। रक्तदाताओं द्वारा दिया गया रक्त किसी दुर्घटना के शिकार व्यक्ति की जान बचाने में तथा किसी बीमार की मदद में सहायक सिद्ध होता है । मानवता से भरे इस नेक कार्य जैसा पुनीत कार्य अन्यत्र कोई नहीं है।

Panipat के ये प्रमुख लोग रहे उपस्थित
शिविर में कॉलेज के एनएसएस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, स्टाफ सदस्यों और पानीपत के नागरिकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। इस मौके पर कॉलेज के प्रधान दिनेश गोयल, रोटरी पानीपत मिडटाउन के प्रोजेक्ट चेयरमैन विकास छाछर, प्रधान रवि दिलोरी और संजीव गुप्ता, उपप्रधान संदीप खेर, सचिव गुरमीत सिंह दुआ, नितेश डावर, एसके चुग, विशाल गोयल, पुनीत गर्ग, कुणाल गुप्ता, शक्ति सिंह, कॉलेज के पूर्व प्रधान डॉ एसएन गुप्ता, रणजीत भाटिया, नरेंद्र भाटिया, पूर्व महापौर भूपेन्द्र सिंह, विपिन फुटेला और संजय गुप्ता रक्तदान शिविर में उपस्थित रहे।
एसडी पीजी कॉलेज और Panipat रोटरी क्लब कई वर्ष से कर रहे हैं रक्तदान शिविर का आयोजन
कॉलेज के यूथ रेड क्रॉस प्रभारी डॉ राकेश गर्ग और एनएसएस अधिकारी डॉ संतोष कुमारी भी रक्दान शिविर में रक्तदाताओं कि मदद करते नज़र आये । विदित रहे कि एसडी पीजी कॉलेज और रोटरी पानीपत मिडटाउन विगत कई वर्षों से रक्तदान शिविरों का नियमित आयोजन करता रहा है।
शिविर में 60 यूनिट रक्त रकत्र किया गया
इस एकत्रित रक्त का इस्तेमाल गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों, दुर्घटनाओं के शिकार लोगों और शस्त्र सेनाओं के अधिकारियों को बचाने के लिए किया जाता है । मेगा-रक्तदान शिविर में रक्तदान करने वाले छात्र-छात्राओं को रिफ्रेशमेंट, गिफ्ट्स और प्रमाण पत्र वितरित किए गए। शिविर में 60 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।

