सटीक समाचार, लुधियाना। Punjab Farmer Fair: पंजाब के मुख्यमंत्री ने नदियों के पानी के मुद्दे पर बड़ी बात कही है। उन्होंंने फिर कहा है कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है और किसी दूसरे राज्य को एक बूंद पानी नहीं देंगे। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) किसान मेले में उन्होंने कहा कि किसी राज्य के साथ नदियों का पानी साझा करने का सवाल ही नहीं है।
पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे अरसे से एसवाईएल नहर को लेकर है विवाद
बता दें कि नदी पानी के बंटवारे को लेकर पंजाब और हरियाणा के बीच लंबे अरसे से विवाद चल रहा है। हरियाणा सतलुज यमुना संपर्क नहर (SYL Canal) को पूरा करवाकर इसके माध्यम से नदियों का पानी मांग रहा है। मामला सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुका है। पंजाब ने हर बार हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने से इन्कार करता रहा है।

कहा- पंजाब के जल संसाधनों के संबंध में कोई समझौता नहीं कर सकते
भगवंत मान ने किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि को आधुनिक एवं लाभकारी व्यवसाय बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के बहुमूल्य जल संसाधनों के संबंध में राज्य के रुख से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने नहरी सिंचाई के अधीन क्षेत्र को 88 प्रतिशत तक बढ़ाने, 14,000 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनें बिछाने (वर्ष के अंत तक और 7,000 किलोमीटर का लक्ष्य) तथा इसके परिणामस्वरूप भूजल स्तर में हुए सुधार के बारे में विस्तार से बताया।
बोले – राज्य में गन्ने का भाव सबसे अधिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीएयू के बीज अनुसंधान केंद्र को मजबूत कर रही है। बागवानी में 1,300 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है और देश में सबसे अधिक 416 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने केंद्र से वैकल्पिक फसलों के लिए लाभकारी एमएसपी तथा पराली जलाने से रोकने के लिए किसानों को वित्तीय सहायता देने की अपील भी की। उन्होंने आश्वासन दिया कि खरीफ खरीद सीजन के दौरान किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदा और समय पर उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘पंजाब के पास किसी अन्य राज्य के साथ साझा करने के लिए कोई अतिरिक्त पानी नहीं है। पानी की एक बूंद भी किसी के साथ साझा करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। पुराने शासकों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए राज्य का अतिरिक्त नदी जल देकर पंजाब के हितों को खतरे में डाला। हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि पंजाब के हितों के साथ ऐसे समझौते दोबारा न दोहराए जाएं।’
पीएयू विश्व के 100 विश्वविद्यालयों में शामिल
एक्स पर पोस्ट में भगवंत सिंह मान ने लिखा, ‘ पीएयू में किसान मेले में शामिल हुआ और प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। पंजाब के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि कृषि विश्वविद्यालय दुनिया के शीर्ष 100 विश्वविद्यालयों में शामिल हुआ है। खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए हमने नहरी पानी का उपयोग 88 प्रतिशत तक बढ़ाया है।’

किसान मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पंजाब भारत में हरित क्रांति का सृजनकर्ता रहा है, जिसने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश को खाद्यान्न की कमी वाले देश से अधिशेष देश में बदलने में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का योगदान सराहनीय है।’
उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती और दृढ़ इच्छाशक्ति वाले किसानों ने पीएयू के कृषि वैज्ञानिकों के सक्षम मार्गदर्शन में राज्य की उपजाऊ मिट्टी और जल संसाधनों का उचित उपयोग करके देश की तस्वीर बदल दी थी।
भूजल स्तर में सुधार की हो रही कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल की स्थिति सुधारने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “बड़े स्तर पर पानी रिचार्ज किया गया है और कई क्षेत्रों में पानी का स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। हमें अपने बहुमूल्य जल संसाधनों की हर बूंद की रक्षा करनी होगी।
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किसानों को केवल पीएयू द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का उपयोग करने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेहतर उपज सुनिश्चित करने और किसानों को अनावश्यक नुकसान से बचाने के लिए बुवाई से पहले बीजों की जांच भी अवश्य की जानी चाहिए।
भगवंत मान ने कहा- किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने का प्रयास
कृषि संकट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को कर्ज के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के प्रयास कर रही है। लागत बढ़ने और आय घटने के कारण किसान दुविधा में आ खड़े हुए हैं। हम उनकी आय बढ़ाने और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उन्हाेंने किसानों से फसल अवशेष न जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों के खेत में और खेत से बाहर निपटारे के लिए किसानों को नए उपकरण उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
किसान मेले में सम्मानित किए जा रहे प्रगतिशील और उद्यमी किसानों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पीएयू को सही अर्थों में किसानों के लिए प्रकाश पुंज माना जाता है। पीएयू ने लगातार पंजाब के किसानों का मार्गदर्शन किया है और राज्य में कृषि के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित अन्य हस्तियां भी उपस्थित थीं।


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