सटीक समाचार, पानीपत। Jain Dharma Sabha: यहां गांधी मंडी स्थित जैन स्थानक में श्रमण संघीय चतुर्थ पटृधर आचार्य सम्राट ध्यान योगी डॉ. शिव मुनि जी महाराज का 85 वां पावन जन्म दिवस पर भव्य कार्यक्रम और धर्म सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मुनि जी का जन्म दिवस श्रद्धा से मनाया। इस मौके पर नशे के खिलाफ श्रद्धालुओं को जागरूक किया गया और नशा मुक्ति संकल्प पत्र का विमोचन किया गया। इस संकल्प पत्र को एक लाख श्रद्धालुओं से भरवाकर उन्हें नशा से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगा।
अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि व अन्य संतों ने डॉ. शिव मुनि के जीवन पर प्रकाश डाला
कार्यक्रम का आयोजन अभिग्रहधारी डॉ. राजेश मुनि जी महाराज, परम सेवाभावी राजेंद्र मुनि जी महाराज, महासाध्वी समता जी महाराज, तपस्विनी साध्वी भविका जी महाराज के सानिध्य में किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ जोड़े सहित नवकार महामंत्र जाप से किया गया। डॉ. राजेश मुनि जी महाराज एवं साध्वी श्री भाविका जी महाराज ने डॉ. शिव मुनि जी महाराज के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।

एपी जैन ने डॉ. शिव मुनि का जीवन परिचय दिया
जैन सभा के संरक्षक डॉ. एपी जैन आचार्य भगवंत का संक्षेप में परिचय दिया।
- डॉ. जैन ने बताया कि डाॅ.शिव मुनि का जन्म 18 सितंबर 1942 को पंजाब के मुक्तसर जिले के मलोट नगर में एक संपन्न धार्मिक परिवार में हुआ।
- उन्होंने देश के बंटवारे की विभीषिका को अपनी नन्हीं नन्हीं आंखों से देखा था। इसी का ऐसा प्रभाव पड़ा कि बड़ा हो जाने पर अहिंसा को अपनाने के लिए आगे बढ़े।
- उन्होंने विभिन्न संस्कृतियों में नैतिकता और मूल्य के तुलनात्मक अध्ययन के लिए दुनिया भर के 51 देश का भ्रमण किया।
- उन्होंने अंग्रेजी विषय में एमए किया। इसके साथ ही विभिन्न धर्मो में मुक्ति की अवधारणा पर पीएचडी एवं डिलिट् की उपाधियां प्राप्त की।
- उन्होंने 30 वर्ष की आयु में 17 मई, 1972 को जैन भागवती दीक्षा ग्रहण की।
- इसके बाद उत्कृष्ट संयम एवं विद्वता के आधार पर 13 मई, 1987 को युवाचार्य बनाए गए।
- श्रमण संघीय तृतीय आचार्य देवेंद्र मुनि जी महाराज के दु:खद देवलोक गमन के बाद 9 जून, 1999 को अहमदाबाद में आचार्य पद पर सुशोभित किए गए।
- वर्तमान में श्रमण संघ में इनके आज्ञानुवर्ती 1400 के लगभग साधु साध्वियां जी महाराज हैं।
- आचार्य भगवन् लगभग एक दशक से एकांतर उपवास तप तथा ध्यान में लीन रहते हैं। उन्होंने ज्ञान के विभिन्न तरीकों पर शोध करके उसको परिष्कृत करके अपनी ही एक ध्यान पद्धति विकसित की है जिससे लाखों अनुयायियों को लाभ हो रहा है।
- उनको 2020 में एपीजे अब्दुल कलाम विश्व शांति पुरस्कार सहित अनेकों अलंकरणों से सम्मानित किया गया है।

सात दिवसीय चिकित्सा शिविर
आचार्य सम्राट डॉ. शिव मुनि जी महाराज के 85वें जन्मदिवस और पदम मुनि जी महाराज के 50वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में गांधी मंडी जैन स्थानक में सात दिवसीय चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा।

डॉ. राजेश मुनि जी महाराज के 2500 अभिग्रह तथा संथारा साधिका श्री कुसुम प्रभाजी महाराज साहब के 68वें दीक्षा दिवस के निमित्त जैन सभा द्वारा 18 से 26 सितंबर तक यह फ्री ओपीडी आयुर्वेद प्राकृतिक एवं एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर लगाया गया है। इसमें जोड़ों के दर्द, पेट दर्द, मधुमेह, हृदय रोग, आदि विभिन्न बीमारियों का मुफ़्त इलाज किया जाएगा।
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नशा मुक्ति संकल्प
कार्यक्रम में डॉ. राजेश मुनि जी महाराज ने किसी भी किस्म के नशे को समाज के लिए बहुत घातक बताया। उन्होंने कहा कि इससे अपराध बढ़ते हैं और घर उजड़ते हैं। इनकी प्रेरणा से ही 1,00,000 लोगों से नशा मुक्ति के संकल्प पत्र भरवायें जाएंगे। इसके लिए नारे हैं- मुनि राजेश का है संदेश, व्यसन मुक्त हो भारत देश; जैन समाज की है आवाज, व्यसन मुक्त हो सारे समाज; भारत सरकार का है नारा, व्यसन मुक्त हो देश हमारा।

इस संकल्प पत्र का विमोचन धर्म सभा में ही किया गया। डॉ. एपी जैन ने बताया कि वैसे जैन धर्म में सात कुव्यसन बताए गए हैं।

ये लोग प्रमुख रूप से रहे मौजूद
इस अवसर पर भगत महावीर जैन, प्रधान जगदीश जैन, महामंत्री डॉ. ईश्वर जैन, डॉ. रामनिवास जैन, विरेंदर जैन, राजेंद्र जैन, रामकिशन जैन, कालू जैन, आत्माराम जैन अजीत जैन, किरण जैन, सुलोचना जैन, सरोज जैन सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

