EPFO पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बेसिक सैलरी लिमिट में 15000 से 25000 हुई, कर्मचारियों को होंगे ये लाभ

केंद्र सरकार ने ईपीएफ की बेसिक सैलरी लिमिट में वृद्धि की है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्‍वनी वैष्‍णव ने दी। (फोटो सौजन्‍य सोशल मीडिया)
केंद्र सरकार ने ईपीएफ की बेसिक सैलरी लिमिट में वृद्धि की है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्‍वनी वैष्‍णव ने दी। (फोटो सौजन्‍य सोशल मीडिया)
Last Updated: 16 Sep, 2026 at 07:39 PM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, नई दिल्‍ली। ईपीएफ (EPFO) यानि कर्मचारी भविष्‍यनिधि संगठन (Employees Provident Fund Organisation) पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला किया है। सरकार ने पीएफ की बेस‍िक सैलरी में प्रति माह 10 हजार रुपये की वृद्धि की है। यानि, अब पीएफ की बेसिक सैलरी 25000 रुपये प्रति माह होगी। अब तक यह बेसिक सैलरी 15000 रुपये प्रति माह थी। इसका असर कर्मचारियों की पेंशन पर भी होगा। यह वृद्धि कल यानि 17 सितंबर से लागू हो जाएगा।

17 सितंबर से होगा लागू , 51 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

केंद्रीय मंत्री अश्‍वनी वैष्‍णव ने कैबिनेट की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्‍होंने कहा कि इससे करीब 51 लाख कर्मचारियाें को लाभ होगा। इससे कर्मचारियों को पीएम से अधिक बचत और पेंशन का लाभ होगा।

अब कंपनियों में 25000 मासिक तक की सैलरी वाले कर्मचारियों का पीएफ कटेगा

केंद्र सरकार के इस कदम से विभिन्‍न कंपनियों और संस्‍थानों में काम करने वाले 25000 रुपये प्रति माह के वेतन वाले कर्मचारी भी भविष्‍यनिधि पीएफ के दायरे में होंगे। बता दें कि बेसिक सैलरी लिमिट कर्मचारी के मासिक वेतन और महंगाई भत्‍ता (DA) के जोड़ पर लागू होती है। बेसिक सैलरी लिमिटसीटीसी यानि ग्रॉस सैलरी पर आधारित नहीं होता है।

इससे पहले 2014 में पीएम बेसिक सैलरी में हुई थी वृद्धि

अश्‍वनी वैष्‍णव ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय कमचारियों को सामाजिक सुरक्षा देने के दृष्टि से उठाया है। इससे अधिक कर्मचारी ईपीएस (EPS) यानि कर्मचारी पेंशन योजना के दायरे में आएंगे। उन्‍होंने कहा कि इससे पहले पीएफ बेसिक सैलरी लिमिट में 2014 में वृद्धि की गई थी। उस समय बेसिक सैलरी लिमिट को 6500 रुपये से 15000 हजार रुपये प्रति माह किया गया था। इतना लंबा समय बीत जाने के बाद इसमें सुधार की आवश्‍यकता थी और इस कारण इसमें बदलाव करने का निर्णय किया गया।

इन हैंड सैलरी में नहीं होगी कोई कमी

पीए बेसिक सैलरी लिमिट में वृद्धि के बावजूद कर्मचारियों की हर माह ‘इन हैंड सैलरी’ में कोई कमी नहीं होगी। ऐसा इससिए कि इसकी कटौती पीएफ में नियोक्‍ता के अंशदान से होती है। इसके साथ ही इसमें सरकार भी अपना योगदान देती है। इसके लिए कर्मचारी के वेतन से कोई अतिरिक्‍त कटौती नहीं होगी।

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सरकार का इस पर 11,339 करोड़ रुपये खर्च आएगा

अश्‍वनी वैष्‍णव ने बताया कि इस पर सरकार का लगभग 11,339 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। पीएफ बेसिक सैलरी लिमिट में वृद्धि की लंबे समय से मांग की जा रही थी। सरकार ने इस मांग को पूरा कर दिया है। सरकार के इस कदम से कर्मचारी को सेवानिवृति के बाद मिलने पेंशन की राशि में भी वृद्धि होगी।

पेंशन में होगा यह लाभ

  • अब तक 15000 रुपये मासिक के आधार पर पेंशन की गणना होती थी। अब यह गणना 25000 रुपये प्रति माह के आधार पर होगी। इससे कर्मचारियों काे सेवानिवृति के बाद मिलने वाली पेंशन की राशि में वृद्धि होगी।
  • कर्मचारियों को 10 वर्ष की सेवा और इतने समय तक पीएफ कटौती से सेवानिवृति के पश्‍चात आजीवन पेंशन मिलती है।

बता दें कि देश में ईपीएफओ में करीब 7.98 करोड़ कर्मचारी योगदान देते हैं। इसके साथ ही लगभग 7.68 लाख कंपनियां व प्रतिष्‍ठान योगादान दे रहे हैं। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के अंतर्गत 82 लाख लोगों को पेंशन मिल रही है।

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