UPI Payments: अब 2000 रुपये से अधिक के UPI Payment पर लगेगा शुल्‍क, 15 अक्टूबर से होगा लागू, इन लोगों को मिलेगी छूट

अब यूपीआइ के जरिये 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर शुल्‍क लगेगा। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)
अब यूपीआइ के जरिये 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर शुल्‍क लगेगा। (फाइल फोटो सोशल मीडिया)
Last Updated: 16 Sep, 2026 at 12:57 AM by Sunil Kumar Jha

सटीक समाचार, नई दिल्‍ली। UPI Payments: अब यूपीआइ (UPI) पेमेंट पूरी तरह फ्री नहीं रहेंगे। 2000 रुपये से अधिक के अधिक का ट्रांजेक्‍शन करने पर 0.4 प्रतिशत का शुल्‍क लगेगा। यह शुल्‍क अधिकतम 300 रुपये होगा। यह 15 अक्‍टूबर से लागू हो जाएगा। यह शुल्‍क (एमआरडी) ग्राहकों को नहीं देना होगा, यह दुकानदारों और बिजनेसमैन को देना होगा। चार्ज का निर्धारण ट्रांजेक्‍शन पर निर्भर करेगा।

अधिकतम 300 रुपये होगा शुल्‍क

बता दें कि 14 सितंबर की रात केंद्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर स्‍पष्‍ट किया था कि 2000 रुपये तक के पेमेंट पर ग्राहक और दुकानदारों को किसी तरह का शुल्‍क नहीं देना होगा। रुपे कार्ड (RuPay Card) से भी 2000 रुपये तक के पेमेंट पर ही छूट मिलेगी।

ग्राहकों नहीं लगेगा यह शुल्‍क, मर्चेंट को देना होगा एमडीआर

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 2000 रुपये से अधिक के पर्सन टू मर्चेंट यूपीआइ पेमेंट (UPI Payments) पर शुल्‍क लागू करने का फैसला किया है। इसके अनुसार, 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजेक्‍शन पर बिजनेसमैन को 0.4 प्रतिशत का मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट (MDR) देना होगा।

पर्सन टू पर्सन ट्रांजेक्‍शन पर नहीं लगेगा शुल्‍क

नए आदेश के अनुसार, पर्सन टू पर्सन ट्रांजेक्‍शन (व्‍यक्ति से व्‍यक्ति) ट्रांजेक्‍शन फ्री हाेगा। ग्राहक से मर्चेंट को 2000 रुपये से अधिक के पेमेंट पर शुल्‍क लगेगा। यह एमडीआर बिजनेसमैन को देना होगा। 0.4% का यह शुल्‍क ग्रााहकों को नहीं देना होगा। बता दें कि इस वर्ष जून (जून 2026) तक देश में यूपीआइ के कुल यूजर्स की संख्‍या करीब 55 करोड़ 50 लाख थी।

यह चार्ज किन पर लागू होगा-

  • अब यूपीआइ से पर्सन टू मर्चेंट पेमेंट पर चार्ज लगेगा। ग्राहक द्वारा मर्चेंट को यूपीआइ से पेमेंट करने पर एमडीआर लगेगा। यह चुनिंदा पेमेंट पर लगेगा।
  • बिजनेसमैन या मर्चेंट को अब एमआरडी (MDR) यानि मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट देना होगा।
  • पर्सन टू पर्सन यूपीआइ ट्रांजेक्‍शन पूर्व की तरह फ्री रहेगा।
  • 75000 रुपये या उससे अधिक ट्रांजेक्‍शन के लिए 300 रुपये शुल्‍क यानि एमडीआर (MDR) लगेगा।
  • यह शुल्‍क 15 अक्‍टूबर 2026 से लागू होगा।
  • यह समय सीमा एक्‍वायरिंग बैंकों, पेमेंट एग्रीगेटर्स , फिनटेक ऐप्‍स और कारपोरेट्स अकाउंटिंग प्‍लेटफार्म को सॉफ्टवेयर अपडेट करने के दृष्टिकोण से तय की गई है।
  • यूपीआइ से 2000 रुपये तक के ट्रांजेक्‍शन पर पहले की तरह कोई शुल्‍क नहीं लागू होगा।
  • टेलीकॉम सेवा, इंश्‍योरेंस, रेलवे और ईंधन सर्विस जैसी कैटेगरी में प्रति ट्रांजेक्‍शन 5 रुपये का शुल्‍क लगेगा।
  • जिन दुकानदारों का महीने का कारोबार 21 लाख रुपये या उससे कम है तो उनको एमडीआर यानि यह शुल्‍क नहीं देना पड़ेगा।

एमडीआर (MDR) के बारे में जानें

एमडीआर (MDR) मर्चेंट डिस्‍काउंंट रेट को कहा जाता है। यह डिजिटल पेमेंट पर दुकानदारों व बिजनेसमैन पर लगनेवाला शुल्‍क है। यह क्रेडिट व डेबिट कार्डों पर पहले से लागू है। क्रेडिट कार्डों (Credit Cards) पर 1% से 3% तक का शुल्‍क लगता है। डेबिट कार्ड ट्रांजेक्‍शन पर अपेक्षाकृत कम शुल्‍क देना पड़ता है।

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यूपीआइ पेमेंट पर एमडीआर लागू करने का क्‍या कारण है?

  • यूपीआइ से बड़े कारोबारी पेमेंट्स की संख्‍या लगातार बढ़ रही थी। अगर वित्‍त वर्ष 2025-26 की ही बात करें तो इसमें बिजनेसमैन और कारोबारियों को करीब 198 करोड़ रुपये के पेमेंट प्राप्‍त हुए। सबसे खास बात यह है कि इनमें से सिर्फ 4 प्रतिशत ट्रांजेक्‍शन ही 2000 रुपये से अधिक के थे, लेकिन ये ट्रांजेक्‍शन करीब 131 करोड़ रुपये के थे। देखा जाए तो यह कुल ट्रांजेक्‍शन राशि का करीब 65% है।
  • सरकार का कहना है कि यूपीआइ के इस्‍तेमाल और इससे पेमेंट तेजी से बढ़ गया है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में इसे सुरक्षित रखने और साइबर फ्रॉड रोकने की जरूरत होती है। इसके साथ ही तकनीक अपग्रेडेशन और पेमेंट सिस्‍टम को मजबूत बनाने का कार्य भी बेहद जरूरी होता है। इन पर लगातार काफी खर्च होता है। इसी कारण एमडीआर लागू करने की जरूरत महसूस की गई।

कब शुरू हुआ था यूपीआइ पेमेंंट सिस्‍टम ?

  • यूपीआइ यानि यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस की शुरूआत अप्रैल 2016 में हुई थी। इसकी आधिकारिक रूप से लांचिंग नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरशन ऑफ इंडिया यानि भारतीय राष्‍ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने 11 अप्रैल 2016 को की थी।
  • 11 अप्रैल 2016 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के तत्‍कालीन गर्वनर रघुराम राजन ने इसकी पायलट लांंचिंग की थी।
  • इसे आम जनता के लिए अगस्‍त 2026 से उपलब्‍ध कराया गया था।
  • इसको प्रमोट करने के लिए वित्‍त वर्ष 2021-22 में प्रोत्‍साहन योजना भी शुरू की गई। इसके योजना के तहत यूपीआइ के जरिये ट्रांजेक्‍शन फ्री होने के साथ ही 2000 रुपये तक के पेमेंट्स पर छोटे दुकानदारों को इंंसेंटिव मिलता था। इस इंटेसिव की दर 0.15% होता थी।

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