सटीक समाचार, जामनगर/लुआंग प्रबांग। Reliance Vantara New Update: रिलायंस के वनतारा (Reliance Vantara) ने लाओस में बीमार और घायल हाथियों के इलाज के लिए खास कदम उठाया है। वनतारा ने लाओस के ‘मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन’ के साथ मिलकर नया कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत हाथियों के लिए रैपिड रिस्पॉन्स टीम बनाई गई है।
मोबाइल वेटरनरी यूनिट से बीमार-घायल हाथियों का होगा इलाज, विशेष अस्पताल भी बनेगा
इसके लिए वनतारा ने पूरी तरह सुसज्जित मोबाइल वेटरनरी यूनिट उपलब्ध कराई है। साथ ही गंभीर और लंबे इलाज की जरूरत वाले हाथियों के लिए एक विशेष अस्पताल भी बनाया जाएगा।
लाओस में 800 हाथियों का इलाज और संरक्षण किया जा रहा है
लाओस में फिलहाल करीब 400 जंगली और 400 से ज्यादा पालतू हाथी हैं। सबसे खास बात है कि दोनों की संख्या लगातार घट रही है। कार्यक्रम के तहत जंगली हाथी और देखरेख में रह रहे हैं। दोनों तरह के हाथियों के इलाज और संरक्षण पर काम किया जाएगा।

43 साल की हथिनी ‘मे खामनॉय’ को बचाया गया
इसी दौरान, 43 साल की हथिनी ‘मे खामनॉय’ को भी बचाया गया है। वर्षों तक लकड़ी ढुलाई और बाद में पर्यटकों के लिए इस्तेमाल की गई इस हथिनी को अब मांडलाओ में देखभाल और इलाज के साथ सुरक्षित जीवन मिलेगा।
लाओल में हाथियों के संरक्षण व इलाज के लिए उठाए गए कदम –
- वनतारा ने मांडलाओ एलीफेंट कंजर्वेशन के साथ मिलकर लाओस में हाथियों के संरक्षण के लिए विशेष कार्यक्रम शुरू किया।
- घायल और बीमार हाथियों का वेटरनरी टीम द्वारा इलाज किया जा रहा है।
- घायल और बीमार हाथियोें के चिकित्सा के लिए वनातारा ने सुविधाओं से सुसज्जित मोबाइल वेटनरी यूनिट उपलब्ध कराई।
- हाथियों के लिए लाओस में वनतारा के सहयोग से विशेष अस्पताल बनाया जाएगा।
- लाओल में 800 हाथियों का संरक्षण किया जा रहा है।
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भारत में हाथियों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रहा है वनतारा
बता दें कि भारत में वनतारा बीमार हाथियों के इलाज के लिए सक्रिय है औा व्यापक प्रबंध किए हैं। गुजरात के जामनगर में हाथियों के इलाज के लिए सुविधाओं से सुसज्जित बड़ा अस्पताल है और वहां हाथियों के संरक्षण के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में हाथियों के संरक्षण के लिए भी वनतारा का व्यापक अभियान चलाया जाता रहा है।
नगालैंड में बाढ़ में बहने से घायल हुई हथिनी जॉयमोती को एयरलिफ्ट कर वनतारा लाया गया था
असम और नगालैेंड में बाढ़ के दौरान हाथियों को बचाने के लिए वनतारा ने वहां के वन एवं वन्यजीव विभागों के साथ मिलकर कार्य किया। नगालैंड में बाढ़ बह रही एक हाथिनी को लोगों ने बचाया था। इस दौरान वह बुरी तरह घायल हो गई थी। वनतारा ने इस हथिनी जॉयमोती को एयरलिफ्ट कर अपने जामनगर केंद्र पर पहुंंचाया और उसका इलाज किया गया।

