30 सितंबर तक करें दावा-आपत्ति अपील, प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम जरूर जांचे
सटीक समाचार, पानीपत। SIR In Haryana New Update: हरियाणा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। दूसरी ओर, इसको लेकर लोगों में चिंताएं हैं और वे अपना नाम कटने को लेकर आशंकित है। अगर आप भी इसको लेकर चिंतित हैं तो परेशान न हों और शंकाओं को छोड़कर 30 सितंबर से पहले दावा और आपत्ति अपील दर्ज कराएं।
निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन ने लोगों की शंकाओं को दूर किया
हरियाणा निवार्चन आयोग और पानीपत जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ पुराने मतदाता रिकॉर्ड अथवा संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के आधार पर किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही मतदाता की पात्रता का परीक्षण किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी और उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि एसआइआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
अपना प्रपत्र 6 या 8 ERO या BLO के पास जमा कराएं
उन्होंने पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे प्रारंभिक वोटर लिस्ट में अपना नाम अवश्य जांचें। यदि नाम शामिल नहीं है तो प्रपत्र-6 तथा किसी प्रकार की त्रुटि होने पर प्रपत्र-8 भरकर 30 सितंबर तक संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) या बूथ लेबल अधिकारी ( BLO) के पास जमा करवाएं।
शंका होने पर इनसे संपर्क करें
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और नागरिक हितैषी तरीके से संपन्न हो। लोग किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर विश्वास न करें और किसी भी शंका की स्थिति में अपने क्षेत्र के BLO, ERO, AERO कार्यालय अथवा हेल्पलाइन 1950 पर संपर्क करें।
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उन्होंने कहा कि लंबे समय से हरियाणा में निवास कर रहे और मतदान कर रहे पात्र नागरिकों को किसी प्रकार की अनावश्यक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रत्येक मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी और पात्र मतदाताओं के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएंगे।
मतदाता सूची से अपना नाम न कटे इसके लिए क्या कदम या प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं ?
- सर्वप्रथम प्रारंभिक मतदाता सूची में अपना नाम जांचें। यदि प्रारंभिक मतदाता सूची में नाम शामिल नहीं है तो 30 सितंबर या उससे पहले प्रपत्र-6 तथा किसी प्रविष्टि में त्रुटि होने पर प्रपत्र-8 भरकर संबंधित निर्वाचक पंजीयन अधिकारी (ERO) अथवा बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास जमा करवाएं।
- मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने अथवा स्थानांतरण के लिए प्रपत्र-6 और प्रपत्र-8 के साथ घोषणा-पत्र भी जमा करना होगा। इसमें पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी का विवरण दिया जा सकता है।
- यदि किसी पात्र व्यक्ति के पास पुराने मतदाता रिकॉर्ड का विवरण उपलब्ध नहीं है तो जन्म वर्ष के अनुसार निर्धारित दस्तावेज प्रपत्र के साथ संलग्न किए जा सकते हैं।
जन्म तिथि के आधार पर दस्तावेजों की प्रक्रिया क्या है और इसे कैसे पूरा करें ?
- निर्वाचन आयोग के निर्देश के अनुसार, जिन मतदाताओं के नाम का पिछली विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है, उन्हें अपनी पात्रता के समर्थन में निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
- यदि किसी व्यक्ति का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है तो वह निर्धारित दस्तावेजों की सूची में से अपना कोई एक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है।
- 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच भारत में जन्मे व्यक्ति को अपने दस्तावेज के साथ माता-पिता में से किसी एक का दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
- वहीं 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में जन्मे व्यक्ति को अपने, अपने पिता और माता के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यदि माता-पिता भारतीय नागरिक नहीं हैं तो जन्म के समय के उनके वैध वीजा और पासपोर्ट की प्रति प्रस्तुत करनी होगी।
- भारत के बाहर जन्मे व्यक्ति को भारतीय मिशन द्वारा जारी जन्म पंजीकरण दस्तावेज संलग्न करना होगा। पंजीकरण अथवा नागरिकीकरण के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले व्यक्ति को नागरिकता पंजीकरण प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।
कौन से दस्तावेज मान्य होंगे?
- दस्तावेजों की सांकेतिक सूची में केंद्र या राज्य सरकार अथवा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी को जारी पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश।
- सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंक, डाकघर, एलआइसी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम द्वारा जारी पुराने पहचान पत्र, प्रमाणपत्र अथवा दस्तावेज, जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का मैट्रिक अथवा शैक्षणिक प्रमाण-पत्र।
- स्थायी निवास प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, ओबीसी, एससी, एसटी अथवा अन्य जाति प्रमाणपत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर तथा सरकार द्वारा जारी भूमि या मकान आवंटन प्रमाणपत्र शामिल हैं।
- आधार से संबंधित दस्तावेजों के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्धारित निर्देश लागू होंगे।
