सटीक समाचार, पानीपत। H1N1 Advisory New Update : एच1एन1 इन्फ्लूएंजा महज मौसमी फ्लू है और इसको लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। इसको लेकर सतर्कता बरतें और लक्षण दिखने पर चिकित्सकों से सलाह लें। एच1एन1 के संबंध में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है।
जिला उपायुक्त ने कहा- फ्लू के लक्षणें की न करें अनदेखी
जिला उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन-सामान्य के लिए स्वास्थ्य सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। उपायुक्त ने कहा कि एच-1 एन-1 से घबराने की आवश्यकता नहीं है। सावधानी, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय पर उपचार के माध्यम से संक्रमण के प्रभाव को कम किया जा सकता है।
ऐसे फैल सकता है एच1एन1-
- स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मौसमी फ्लू एक श्वसन संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने तथा निकट संपर्क में आने से फैल सकता है।
ये हैं संक्रमण के लक्षण
- अचानक बुखार या ठंड लगना।
- खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना।
- – सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और थकान होना।
- बच्चों में कभी-कभी उल्टी अथवा दस्त की शिकायत भी हो सकती है।
ये बरतें सावधानियां
- जिला उपायुक्त ने लोगों से अपील की कि खांसी या छींक आने पर मुंह और नाक को रूमाल, कागजी रूमाल अथवा कोहनी से ढकें।
- साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोने या अल्कोहल आधारित हाथ साफ करने वाले द्रव्य का इस्तेमाल करने की आदत अपनाएं।
- फ्लू के लक्षण होने पर घर पर रहें और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- आवश्यकता पड़ने पर मास्क का प्रयोग करें, विशेषकर घर में अन्य सदस्यों के साथ साझा स्थानों पर। उन्होंने इस रोग के लक्षण दिखने पर पर्याप्त आराम करने और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी।
- चिकित्सक की सलाह के बिना जीवाणुरोधी दवा अथवा विषाणु रोधी दवा न लें।
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इन लोगों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता –
- सीएमओ विजय मलिक ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों, 65 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तथा मधुमेह, हृदय, फेफड़ों, गुर्दे, यकृत या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग विशेष सावधानी बरतें। ऐसे लोगों में फ्लू की जटिलताओं का जोखिम अधिक हो सकता है।

