सटीक समाचार, चंडीगढ़। Paper Leak In Punjab : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंंत सिंह मान ने राज्य में फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक के विपक्ष के आरोप को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पिछले साढ़े चार साल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ है। फार्मेसी परीक्षा में नकल की कोशिश का मामला सामने आया था। इस मामले में 21 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था। विपक्ष पूरे मामले पर गलत बयानी कर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित कई नेताओं ने पेपर लीक का लगाया था आरोप
बता दें कि दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित भाजपा और कांग्रेस के कई नेताओं ने पंजाब में फार्मेसी परीक्षा में पेपर लीक होने की बात कही थी। सिरसा ने कहा, मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में 18 जुलाई को प्रदर्शन के दौरान कहा था कि पंजाब में पेपर लीक होने पर मंत्री को हटा देंगे। इसके ठीक अगले दिन 19 जुलाई को ही फार्मेसी की परीक्षा में पेपर लीक हो गया, जिसमें लाखों रुपये देकर आंसर शीट तैयार करने का आरोप है।
मनजिंदर को सिसोदिया ने दिया जवाब
सिरसा ने कहा कि अब जब इस्तीफा देने की बारी आई तो कहां है वो लोग। आम आदमी पार्टी बच्चों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रही है। उन्होंने बच्चों के नाम पर गंदी राजनीति की, और अब जहब इंसाफ देने का समय आया है, तो उनका दोहरा चेहरा सबके सामने है। इसके बाद मनीष सिसोदिया ने भी पलटवार किया था और कहा था कि पंजाब में पेपर लीक नहीं हुआ था।

फार्मेसी परीक्षा में नकल का मामला आया था सामने, 21 गिरफ्तार
इसके बाद रविवार को जीरकपुर में जीरकपुर में नीट (NEET) उत्तीर्ण करनेवाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में पिछले साढ़े चार साल में परीक्षाओं में पेपर लीक का कोई मामला सामने नहीं आया है।
राष्ट्रीय स्तर की स्थिति की तुलना करते हुए भगवंत मान ने कहा, हमारी सरकार को सत्ता में आए साढ़े चार वर्ष से अधिक का समय हो चुका है। इस अवधि में पंजाब में एक भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। हाल ही में फार्मेसी अफसर भर्ती परीक्षा में नकल की कोशिश की जानकारी मिली तो सरकार ने तत्काल कार्रवाई की।
भगवंत मान ने कहा कि नकल करवाने वाले गिरोह से जुड़े सभी लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में 21 आरोपियों को जेल भेजा गया है। मैं पंजाब के प्रत्येक युवा को विश्वास दिलाता हूं कि हमारी सरकार कभी भी पेपर लीक या नकल जैसी घटनाओं के कारण उनके भविष्य को दांव पर नहीं लगने देगी।
कहा- पैसे या सिफारिश नहीं योग्यता पर दे रहे हैं नौकरियां
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसी व्यवस्था स्थापित की है, जहां पैसे और सिफारिश के बजाय केवल योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी जाती हैं। वर्ष 2026 की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में पंजाब के सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड 882 विद्यार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। वहीं, राज्य सरकार ने पूरी तरह पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की हैं।
नीट उत्तीर्ण करनेवाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया
समारोह में मुख्यमंत्री ने नीट-2026 उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनसे संवाद किया। बाद में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया है कि बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है, तो कोई भी सपना उनकी पहुंच से दूर नहीं रहता। इस वर्ष पहली बार हमारे सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा उत्तीर्ण कर इतिहास रचा है। नीट परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त करने वाले आर्यन गुप्ता भी पंजाब के बेटे हैं, जिससे पूरे राज्य का गौरव और बढ़ गया है।

उन्होंने कहा, ‘इस वर्ष देशभर से लगभग 20 लाख विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा दी। हमारे विद्यार्थियों ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। सफल विद्यार्थियों की संख्या और भी अधिक हो सकती थी, लेकिन पेपर लीक होने के कारण अनेक योग्य विद्यार्थियों को नुकसान उठाना पड़ा।’
मुख्यमंत्री ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण अनेक विद्यार्थी निराश हुए और कुछ ने तो परीक्षा में शामिल न होने का भी निर्णय लिया। यह पहली घटना नहीं है। देश में वर्ष 2017, 2024 और अब 2026 में भी पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। यह केंद्र सरकार की विफलता है और इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है।
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