सटीक समाचार, बठिंडा। पंजाब को नशा मुक्त (Drug Free Punjab) बनाकर युवाओं को नशे से बचाने का अभियान तेज किया जाएगा। इसके लिए विलेज डिफेंस कमेटियों को और मजबूत बनाया जाएगा। इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यभर के अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की और कहा कि ‘ युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान को और तेजी दी जाए।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जिलाें के डीसी और एसपी के संग वर्चुअल बैठक की
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जिलों के डिप्टी कमिश्नर, पुलिस कमिश्नर तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल मीटिंग में कहा कि जब तक पंजाब नशे की बुराई से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, इस अभियान को और अधिक तेज किया जाए। विलेज डिफेंस कमेटियों के कार्यों की समीक्षा के लिए आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री ने की।
उन्होंने कहा कि इस अभियान ने नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने और बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में सफलता हासिल की है। इससे नशे के अभिशाप की कमर टूट गई है। इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए तथा जमीनी स्तर पर अधिक सशक्त कार्रवाई, अधिक जनभागीदारी और गांवों में विश्वास बहाली के प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, ‘आज बठिंडा के लेक व्यू गेस्ट हाउस से मैंने ‘युद्ध नशियां विरुद्ध’ अभियान के अंतर्गत सभी डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। सभी अधिकारियों को नशों के पूर्ण उन्मूलन के लिए जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।’
उन्होंने लिखा, ‘हमारी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आइए, हम सभी मिलकर पंजाब को नशामुक्त बनाएं और राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।’
विलेज कमेटियों ने तीन माह में 13000 से अधिक शिकायतें दर्ज कराईं
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विलेज डिफेंस कमेटियों के सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहे हैं और उन्होंने पिछले तीन महीनों में ही नशा तस्करों के खिलाफ 13,000 से अधिक शिकायतें दर्ज करवाई हैं।
उन्होंने कहा कि जिन जिलों में विलेज डिफेंस कमेटियां अपेक्षाकृत कम सक्रिय हैं, उन्हें इस जनहित के मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। प्रत्येक जिले में हर महीने विलेज डिफेंस कमेटियों की बैठकें आयोजित की जानी चाहिए और मैं स्वयं मासिक राज्य स्तरीय बैठकों में उनके कार्यों की समीक्षा करूंगा।

पंजाब में विलेज डिफेंस कमेटियों में 1.50 लाख सदस्य
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या एक वैश्विक चुनौती है, लेकिन दुनिया में कहीं भी इसके खिलाफ इतनी दृढ़ और व्यापक मुहिम नहीं चलाई गई है। पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए विलेज डिफेंस कमेटियों के 1.50 लाख सदस्यों की एक मजबूत शक्ति तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है क्योंकि नशों के खिलाफ इस लड़ाई को जन आंदोलन का रूप देना होगा। नशा एक सामाजिक समस्या है और इस अभियान की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए लोगों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाए
मुख्यमंत्री मान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग प्राप्त करें। लोगों में विश्वास पैदा करने के लिए पुलिस टीमों को नियमित रूप से गांवों का दौरा करना चाहिए और जमीनी हकीकत जानने के लिए स्थानीय लोगों से संवाद करना चाहिए। नशा तस्करों के बारे में सूचना देने वाले विलेज डिफेंस कमेटी के सदस्यों अथवा किसी भी नागरिक की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जानी चाहिए।
पुर्नवास केंद्रों में बेडों की संख्या 1500 से 5000 हुई
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नशा तस्करों को गिरफ्तार कर उन्हें सलाखों के पीछे भेजकर नशों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। जैसे-जैसे नशा तस्करों पर शिकंजा कसा गया, इसकी आपूर्ति प्रभावित हुई। अभियान के तहत वर्तमान नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।
मान ने कहा कि कई नए केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा मौजूदा केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता और समग्र वातावरण में व्यापक सुधार किया गया है। इनमें एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। सरकार द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में बिस्तरों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 5,000 कर दी गई है।
ओट केंद्र 529 से 565 किए गए
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओट केंद्रों को भी उन्नत किया गया है तथा आवश्यक दवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जहां भी आवश्यकता महसूस हुई, वहां नए ओट केंद्र स्थापित किए गए और इनकी कुल संख्या 529 से बढ़कर 565 हो गई है। अधिकारियों को अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी ओट केंद्रों एवं नशा मुक्ति केंद्रों में दवाइयों, आवश्यक सामग्री तथा बिस्तरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करनी चाहिए।
अनूठा कार्यक्रम ‘सूरमा’
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि ‘सूरमा’ पहल एक अनूठा कार्यक्रम है। इसके तहत उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने नशे पर विजय प्राप्त की है और दो वर्षों से अधिक समय से नशे से दूर हैं। “ये ‘सूरमा’ अब अन्य लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे तथा पंजाब को पूर्णतः नशामुक्त बनाने के लिए ‘नशा मुक्ति के दूत’ के रूप में सरकार के साथ मिलकर कार्य करेंगे।

