sateeksamachar, जालंधर।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने वीरवार को कहा कि राज्य में बेअदबी करने वाले अब कानून से नहीं बच सकेंगे। नया बेअदबी विरोधी कानून अपराधियों के लिए एफआइआर, उम्रकैद और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने के बाद जमानत न देने की व्यवस्था करता है। पिछली सरकारों ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को आजाद घूमने और पंथ की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की इजाजत दी थी। ‘आप’ (AAP ) सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता की रक्षा और सूबे में भाईचारे की सांझ बनाए रखने के लिए देश का सबसे सख्त कानून बनाया है।
उन्होंने वीरवार को यहां से अपनी शुक्राना यात्रा के दूसरे दिन की शुरूआत की। उन्होंने भाजपा (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) पर तीखा हमला किया। भगवंत मान ने कहा कि सियासी फायदे के लिए सिखों और हिंदुओं को बांटने की कोशिश करने वाली ताकतें पंजाब की भाईचारे की सांझ और एकता की मजबूत परंपरा के सामने असफल हो जाएंगी।
जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए बम धमाकों को भाजपा के पंजाब में राजनीतिक दखल से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा जहां भी जाती है, चुनावों से पहले डर, अशांति और फूट डालती है। उन्होंने कहा कि बेअदबी विरोधी कानून के बाद पंजाब सरकार जल्द ही नशों के खिलाफ सख्त कानून लाएगी। इसके तहत नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और आसान जमानत पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।
शुक्राना यात्रा के दूसरे दिन भगवंत मान ने आदमपुर और करतारपुर में सभाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अकाली खुद बेअदबी में शामिल थे और इसलिए उनके पास कानून का विरोध करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं। पिछली सरकारें भी कानून को मजबूत कर सकती थीं लेकिन उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। लोग अकालियों को यह मानकर वोट देते रहे कि वे बाबा नानक के आदर्शों की नुमाइंदगी करते हैं, लेकिन उन्होंने गुरुओं की पवित्र शिक्षाओं का निरादर किया। अकालियों को छोड़कर पूरी सिख संगत इस बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी पार्टियां बार-बार दावा करती रही हैं कि यह कानून कभी पास नहीं होगा, राष्ट्रपति के पास फंस जाएगा या राज्यपाल की मंजूरी नहीं मिलेगी। पंजाब सरकार ने देश के सबसे अच्छे कानूनी माहिरों से सलाह-मशवरा किया ताकि यह यकीनी बनाया जा सके कि कानून संवैधानिक तौर पर मजबूत और भविष्य के लिए उचित हो। अब अगर कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करता है तो एफआइआर के बाद कोई जमानत नहीं होगी। कम से कम सजा 10 साल की कैद होगी और यह उम्रकैद तक बढ़ सकती है। साथ ही 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है।
जालंधर और अमृतसर में हाल ही में हुए धमाकों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये घटनाएं पंजाब में भाजपा के सियासी दखल के संकेत हैं। लोगों को फूट डालने वाली राजनीति से बचने की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब पहले ही काफी काले दिन देख चुका है और अब विकास व तरक्की पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उ
मांवा-धियां सत्कार योजना के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने अन्य श्रेणियों के परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति के परिवारों की महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये देने की योजना शुरू की है। उन्होंने आगे कहा, “यह रकम किसी को अमीर तो नहीं बना सकती, लेकिन यह यकीनन परिवारों की मदद करेगी और महिलाओं को मान के साथ जीने का अधिकार देगी।”

