Caste survey: भगवंत मान का ऐलान, पंजाब में होगा जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण

Caste survey: भगवंत मान का ऐलान, पंजाब में होगा जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण

Sateek Samachar, चंडीगढ़ ।

पंजाब में जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। यह घोषणा राज्‍य के मुख्‍यमंत्री भगवंत मान ने की। उन्‍होंने अपनी सरकार की ‘शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल’ श्रृंखला के हिस्से के रूप में ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग का चार साल का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया।

इस रिपोर्ट कार्ड में दिखाया गया कि निरंतर नीतिगत हस्तक्षेप ने गांवों के बुनियादी ढांचे को कैसे बदला है, जमीनी स्तर पर प्रशासन को मजबूत किया है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के पहले जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण की शुरुआत से लेकर बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचा निर्माण, पारदर्शी भूमि प्रबंधन के माध्यम से राजस्व उत्पन्न करने और युवा-केंद्रित विकास कार्यक्रमों सहित प्रमुख पहलों की रूपरेखा पेश की।

भगवंत मान ने जाति आधारित सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण को समानता और नीति निर्माण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण बताया। उन्‍होंने कहा कि इसका उद्देश्य कार्रवाई को गोपनीय रखते हुए सभी समुदायों के जीवन स्तर का मूल्यांकन करना है। ग्रामीण विकास रिपोर्ट कार्ड एक व्यापक शासन ढांचे का हिस्सा है, जिसके तहत ‘आप’ सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सिंचाई, कृषि और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सेक्टर-वार प्रदर्शन के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणामों पर अपना ध्यान केंद्रित कर रही है।

मान ने कहा, ‘पिछले चार वर्षों में गांवों का पूर्ण विकास हुआ है, जिसमें बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य, तालाबों की सफाई शामिल है क्योंकि राज्य ने सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाकर और अन्य तरीकों से पैसा कमाया है।’

मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के सख्त प्रयासों के कारण पंचायत चुनावों में सर्वसम्मति में वृद्धि हुई है। पंजाब में 13,236 पंचायतों के लिए चुनाव 2024 में हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं। 2018 में लगभग 1,870 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गई थीं, लेकिन 2024 में 2,970 पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं थी।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1,100 से अधिक पंचायतें सर्वसम्मति से चुनी गईं, जिससे गांवों में सामुदायिक सौहार्द मजबूत होता है और गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। पंजाब सरकार ने सरपंचों का मानभत्ता 1,200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह कर दिया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों की जमीन से गुजरने वाली हाई टेंशन तारों को जमीनदोज करने की संभावना की पड़ताल कर रही है और रणनीति बनाई जा रही है। यह किसानों के लिए राहत होगी क्योंकि ये तारें फसलों के लिए बहुत बड़ा खतरा पैदा करती हैं। इस मौके पर ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद तथा अन्य भी मौजूद थे।


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