Sateek Samachar , अंबाला।
हरियाणा के ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज एक बार फिर अधिकारियों से नाराज हैं। उन्होंने कहा है कि उनके आदेशों का पालन नहीं किया जाता है और ऐसे में ग्रीवेंस कमेटी की बैठकों में शामिल नहीं होने का कोई मतलब नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अंबाला कैंट के कार्यों के लिए जरूरत पड़ी तो वह आंदाेलन यहां तक की अनशन भी कर सकते हैं।
अफसरों के खिलाफ जताई नाराजगी, ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में दिए आदेश का पालन नहीं करते
अनिल विज के अंबाला में पत्रकारों से बातचीत में के दौरान तीखे तेवर में दिखे। अनिल विज पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यहां तक कहा कि अंबाला कैंट विधानसभा क्षेत्र के कार्यों के लिए आंदोलन भी करना पड़ा तो यह भी करेंगे। वह बोले, बाकी हरियाणा का तो पता नहीं लेकिन अंबाला के लोगों के हकों के लिए वह लड़ाई लड़ते रहेंगे। विज ने कहा कि किसानों की मांगों के लिए जिस तरह डल्लेवाल आमरण अनशन कर रहे हैं, इस तरह अनशन करना पड़े तो इसके लिए भी वह तैयार हैं। बता दें कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल किसानों की मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ऐसी बैठकों (गीवेंस कमेटी की बैठक) में शामिल होने का कोई मतलब नहीं है जब अधिकारी किसी तरह के आदेशों का अनुपालन ही नहीं करते। विज को शुक्रवार को सिरसा और कैथल में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में शामिल होना है, परंतु उनके इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वह इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं।
अधिकारियों के रवैये को लेकर मंत्रियों और विधायकों को रही है शिकायत
बता दें कि हरियाणा में कई मंत्रियों और विधायकों को अधिकारियों के रवैये को लेकर शिकायत रही है। इस संबंध में वे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनसे पहले के सीएम मनोहर लाल से शिकायत करते रहे हैं। अनिल विज का इससे पूर्व भी अधिकारियों से विवाद हो चुका है। कुछ साल पहले फतेहाबाद की तत्कालीन एसपी संगीता कालिया से उनका विवाद काफी चर्चा में रहा था।
विज कैथल में निजी स्कूल और एएसआइ के खिलाफ कार्रवाइ न होने से हैं नाराज
दरअसल विज लगभग 20 दिन पहले कैथल में हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में एक एएसआइ और निजी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई करने के अपने आदेश का पालन नहीं होने से नाराज हैं। विज ने आठ साल के बच्चे की मौत के मामले में एक निजी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर एक एसीआइ को निलंबित करने के आदेश दिए थे। उन्होंने संबंधित स्कूल के विरुद्ध भी कारवाई करने का निर्देश दिया था।

