सटीक समाचार, चंडीगढ़। Punjab New School Fees Bill: पंजाब में निजी स्कूलों पर सरकार का शिकंजा कस गया है। पंजाब विधानसभा में मनमानी फीस वृद्धि पर रोक के लिए ‘पंजाब रेगुलेशन ऑफ फीस ऑफ अन-एडेड एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (संशोधन) बिल, 2026’ को पारित कर दिया गया। यह बिल सर्वसम्मति से पारित हुआ। बिल के पारित होने से विद्यार्थियों और अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी।
भगवंत मान ने कहा, कोविड में स्कूल बंद होने पर भी ली गई ट्रांसपोर्ट फीस
मुख्यमंत्री भगंवत सिंह मान ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब स्कूल बंद थे और स्कूल के वाहन नहीं चल रहे थे, तब भी अभिभावकों को ट्रांसपोर्ट फीस देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब में अब ऐसी लूट की अनुमति नहीं दी जाएगी।
बिल पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पहले सरकारी और निजी स्कूलों की किताबों, पाठ्यक्रम और शिक्षकों में बड़ा अंतर होता था। राज्य में सरकारी स्कूल सिर्फ मिड-डे-मील केंद्रों तक ही सीमित रह गए थे, लेकिन अब राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर दिया गया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार शैक्षणिक संस्थान विभिन्न खातों में फीस वसूल कर शिक्षा के नाम पर अंधी कमाई नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब में इन संस्थानों द्वारा किसी भी माध्यम से एकत्रित की गई फीस का पता लगाने के लिए फोरेंसिकऑडिट करवाया जाएगा।
सीएम ने कहा, राज्य में शिक्षा माफिया को पनपने नहीं देंगे
भगवंत मान ने कहा, ‘ हमारी सरकार ने राज्य में हर गैरकानूनी गठजोड़ की कमर तोड़ दी है और हम राज्य में शिक्षा माफिया को पनपने नहीं देंगे। विद्यार्थियों से वसूली जाने वाले सभी खर्च, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, बिल्डिंग फंड और अन्य फुटकर फीस शामिल हैं, को रेगुलेशन के उद्देश्य से ट्यूशन फीस का हिस्सा ही माना जाएगा। राज्य सरकार शिक्षा को व्यापार नहीं बनने देगी।
पारित बिल में क्या है नई व्यवस्था?
- नए पारित बिल के तहत नए शैक्षणिक सत्र में निजी स्कूलों को पांच प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही किसी भी मद (हेड) में अभिभावकों से वसूली गई हर राशि को फीस ही माना जाएगा और इसे रेगुलेशन के अधीन लाया जाएगा।
सरकार निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर कैसे नजर रखेगी?
- पंजाब सरकार अतिरिक्त वसूलियों की पहचान करने और फीस वृद्धि की जांच सुनिश्चित करने के लिए निजी स्कूलों का फोरेंसिक ऑडिट भी करवाएगी। जांच कर सुनिश्चित किया जाएगा कि अतिरिक्त राशि अभिभावकों को वापस की जाए। डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई वाली ‘जिला रेगुलेटरी समिति’ फीस वृद्धि के सभी प्रस्तावों की जांच और विनियमन करेगी।
मनमानी फीस वृद्धि की स्थिति में निजी स्कूलों पर क्या कार्रवाई होगी?
- कानून का उल्लंघन करने पर संबंधित निजी स्कूल पर पहली बार 50 हजार रुपये जुर्माना किया जाएगा। दूसरी बार उल्लंघन करने पर एक लाख रुपये का जुर्माना होगा। तीसरी बार ऐसा करने पर संंबंधित निजी स्कूल की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
स्कूल वर्ष में कितनी फीस बढ़ा सकते हैं और क्या इससे अधिक वृद्धि कर पाएंगे ?
- यह बिल वार्षिक फीस वृद्धि की सीमा पांच प्रतिशत निर्धारित करता है। इससे अधिक किसी भी वृद्धि के लिए रेगुलेटरी संस्था की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होगी। इसके अलावा जिन निजी स्कूलों ने पिछले तीन वर्षों में कुल मिलाकर 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उन्हें अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी।
पंजाब के कितने निजी स्कूल हैं ?
- पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूल हैं।
कितने विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस बिल से लाभ होगा?
- इस बिल के कानून बनने से राज्य के निजी स्कूलों में पढ़ रहे 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को लाभ होगा।

