सटीक समाचार, लुधियाना। पंजाब में औद्योगिकीकरण (New Industries In Punjab) की दिशा में एक और पहल हुई है। जापान की आईची स्टील की भागीदारी के साथ वर्धमान स्पेशल स्टील्स द्वारा फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट स्थापित जाएगी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इसका शिलान्यास किया। यह देश के अपनी तरह की पहले यूनिट होगी। इसके लिए पंजाब सरकार से 500 रुपये के निवेयश का समझौता हुआ था, लेकिन कंपनी ने इस निवेश को दोगुना से भी अधिक बढ़ा दिया। 1116 करोड़ रुपये से इस फोर्जिंग और मशीनिंग यूनिट का निर्माण होगा।
प्रोजेक्ट में जापान की आईची कंपनी और वर्धमान स्टील की भागीदारी
भगवंत मान ने इसे पंजाब के औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा प्रोत्साहन बताया। यह प्रोजेक्ट 500 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कि वर्धमान-आईची के प्रोजेक्ट के भविष्य के विस्तार से अन्य 2,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा हो सकते हैं। कंपनियों द्वारा पंजाब के अनुकूल औद्योगिक माहौल को देखते हुए निवेश को 500 करोड़ रुपए के शुरुआती समझौते से बढ़ाकर 1,116 करोड़ रुपये किया गया है। यह राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
प्लांट में तैयार होंगे उच्च मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स
यह प्लांट घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। पंजाब की नई औद्योगिक नीति ‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ प्रणाली के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियों को सुनिश्चित करती है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र के लिए नए युग की शुरुआत है। यह राज्य के आर्थिक विकास को प्रोत्साहन और युवाओं को सीधा रोजगार प्रदान करेगा। वर्धमान न केवल अग्रणी औद्योगिक समूह है, बल्कि पंजाब की विकास गाथा का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है, जो लगभग चार दशकों से राज्य में काम कर रहा है। वर्धमान और आईची स्टील के बीच भागीदारी भरोसे, प्रौद्योगिकी और लंबे समय के दृष्टिकोण पर आधारित है।
सीएम के जापान दौरे में निवेश के लिए हुआ था समझौता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आईची स्टील मान्यता प्राप्त जापानी कंपनी है और टोयोटा ग्रुप की महत्वपूर्ण सप्लायर है। दिसंबर 2025 में हमारी जापान यात्रा के दौरान हमने नागोया में आईची स्टील की लीडरशिप से मुलाकात की थी। उस समय वर्धमान और आईची स्टील ने पंजाब में लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मैन्युफैक्चरिंग सुविधा स्थापित करने की संभावनाओं के लिए समझौता किया था। कुछ ही महीनों के अंदर इस समझौते को अमली रूप दे दिया गया है।
सीएम ने कहा, पंजाब के उद्योग को और मजबूती मिलेगी
मुख्यमंत्री मान ने कहा, यह प्रोजेक्ट पंजाब में जापानी आधुनिक फोर्जिंग प्रौद्योगिकी लाएगा और भारत के साथ-साथ यूरोप, आसियान देशों, अफ्रीका और मेक्सिको के बाजारों के लिए उच्च-मूल्य वाले ऑटोमोबाइल पार्ट्स का निर्माण करेगा। यह बुनियादी निर्माण से उच्च-मूल्य वाले निर्माण की ओर महत्वपूर्ण बदलाव है और इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स तथा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के मुख्य केंद्र के रूप में लुधियाना की स्थिति को और मजबूत करेगा।
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राज्य के औद्योगिक ढांचे का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि यह निवेश पंजाब के कुशल श्रमिकों, वर्क कल्चर और औद्योगिक क्षमता में अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के विश्वास को दर्शाता है। ‘पंजाब इंडस्ट्रियल एंड ट्रेड डेवलपमेंट पॉलिसी 2026’ 24 क्षेत्रीय नीतियों के माध्यम से सहायता प्रदान करती है और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, प्रौद्योगिकी, रोजगार और टिकाऊ औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती है। निवेशकों को उनके प्रोजेक्ट्स के दौरान स्पष्ट नीतियां, तुरंत फैसले और पूर्ण सहयोग मिलना चाहिए।
‘सिंगल-विंडो, सिंगल-पेन’ के माध्यम से 45 दिनों के अंदर सभी मंजूरियां
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने वन-ऑफिस, वन पोर्टल, ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ और सिंगल-पॉइंट रिस्पांसिबिलिटी की एक विशिष्ट प्रणाली स्थापित की है। ‘इन्वेस्ट पंजाब’ की शुरुआत से लेकर मंजूरियों, निर्माण, उत्पादन और भविष्य के विस्तार तक निवेशकों के लिए संपर्क का एकमात्र केंद्र के रूप में काम करता है।
उन्होंने कहा कि ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ के माध्यम से निवेशक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, फीस का भुगतान कर सकते हैं और मंजूरियों की स्थिति देख सकते हैं। यह पोर्टल 200 से अधिक कारोबारी सेवाएं और लगभग 50 मुख्य रेगुलेटरी मंजूरियां प्रदान करता है।मंजूरियां निर्धारित समय में दी जाती हैं और आवेदनों पर अधिकतम 45 कार्यदिवसों के अंदर फैसला किया जाता है। जहां कहीं ‘सिंगल विंडो-सिंगल पेन’ सिस्टम लागू होता है, वहां ऑटो-डीम्ड मंजूरी का प्रावधान होता है।
पंजाब में किया 1.78 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अनावश्यक देरी को समाप्त करना और प्रशासन को पारदर्शी तथा जवाबदेह बनाना है। पंजाब पहले ही लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर चुका है। इससे लगभग छह लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। उन्होंने कहा कि मेरे जापान दौरे का उद्देश्य पंजाब में निवेश, प्रौद्योगिकी, हुनर और विश्वव्यापी अवसर आकर्षित करना था।
उन्होंने कहा, ‘हमने टोक्यो, नागोया और ओसाका में प्रमुख जापानी कंपनियों और संस्थानों से बातचीत की और आज का यह प्रोजेक्ट उस मिशन के सबसे महत्वपूर्ण परिणामों में से एक है। पंजाब सरकार इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए वर्धमान और आईची स्टील को पूरा सहयोग देगी।’
कई उद्योगों ने पंजाब में कारोबार स्थानांतरित किए
भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण पिछले चार वर्षों के दौरान दूसरे राज्यों से कई उद्योगों ने अपने कारोबार पंजाब में स्थानांतरित किए हैं। हमें एक ऐसा सिस्टम विरासत में मिला था जहां पिछली सरकारों के समय फिरौती और हिस्सेदारी सिस्टम से तंग आकर उद्योग पंजाब से भाग रहे थे। निरंतर प्रयासों के माध्यम से हमने उद्योगों का विश्वास बहाल किया है और पंजाब को औद्योगिक विकास में अग्रणी बनाया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा,कि वे दिन बीत चुके हैं जब निवेशकों पर अनुचित लाभ या उनके उद्यमों में हिस्सेदारी के लिए दबाव डाला जाता था। आज पंजाब सरकार सिर्फ पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए काम करती है। टाटा स्टील ने पहले ही 3,200 करोड़ रुपये के निवेश के साथ पंजाब में जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट स्थापित किया है। सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रायडेनबर्ग, कारगिल, वर्बियो और डेनोन जैसी अग्रणी कंपनियों ने राज्य में अपना कारोबार शुरू कर दिया है।

