Sateek Samachar, अमृतसर।
पंजाब के अमृतसर जिले के एक युवक की अमेरिका जाते समय रास्ते में मौत हो गई। अजनाला तहसील क्षेत्र के कस्बा रामदास का यह युवक गुरप्रीत सिंह डंकी रूट से अमेरिका जाने की कोशिश में मौत हो गई। बताया जाता है कि मुश्किल भरे रास्ते के कारण उसे हार्ट अटैक आया और उसकी मौत हो गई। वह छह बहनों का अकेला भाई था। एजेंट ने अमेरिका भेजने के लिए उससे 36 लाख रुपये लिये थे।
ग्वाटेमाला में हार्ट अटैक से हुई मौत, साथ जा रहे युवक ने फाेन कर जानकारी दी
गुरप्रीत की मौत की जानकारी फोन पर उसके साथ जा रहे एक युवक ने दी। गुरप्रीत की मौत की खबर मिलने के बाद से उसके परिवार के लोगों का रो-राेकर बुरा हाल है। गुरप्रीत परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए अमेरिका जाना चाहता था। वह 36 लाख रुपये देकर एक एजेंट के माध्यम से अमेरिका जाने के लिए निकला था। वह अवैध तरीके (डंकी रूट) से अमेरिका जाने के लिए निकला था। फोन करने वाले युवक ने बताया कि ग्वाटेमाला के पास गुरप्रीत को हार्ट अटैक आया और उसकी जान चली गई।
छह साल पहले वर्क परमिट पर इंग्लैंड भी गया था
परिजनों ने बताया कि गुरप्रीत करीब छह साल पहले वर्क परमिट पर इंग्लैंड गया था। वहां से वह वापस आ गया था। अब वह अमेरिका में बसना चाहता था और इसी उद्देश्य से वहां जाने के लिए निकला था। गुरप्रीत के माता -पिता ने भारत सरकार से बेटे का शव वहां से लाने में मदद करने की गुहार लगाई है।
पंजाब के मंत्री कुलदीप धालीवाल बोले – पंजाब के युवा गैरकानूनी तरीके से विदेश न जाएं
गुरप्रीत की मौत के बारे में जानकारी मिलने के बाद पंजाब के मंत्री कुलदीप धालीवाल परिजनों से मिलने पहुंचे। उन्हाेंने गुरप्रीत के माता-पिता और परिजनों को ढ़ांढस बंधाया। धालीवाल ने कहा कि पंजाब के युवक गुरप्रीत की मौत की खबर दुखदाई है। पंजाब के युवाओं से अपील है कि वे अवैध तरीके से विदेश जाने की कोशिश न करें। जितने पैसे देकर दूसरे देश गैरकानूनी तरीके से जाने की बजाय यहीं पंजाब में व्यापार करें। भगवंत मान सरकार इसमें पूरी मदद करेगी।
अवैध रूप से अमेरिका में घुसे लोगों को किया जा रहा डिपोर्ट
बता दें कि अमेरिकी प्रशासन द्वारा अवैध रूप से देश में घुसने वाले लोगों को पकड़ा जा रहा है। वहां अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहे भारतीयों और अन्य देश के लोगों को डिपोर्ट किया जा रहा है। दो तीन दिन पहले 106 भारतीयों को डिपोर्ट करने के बाद अमृतसर पहुंचाया गया था। अभी और भारतीयों को डिपोर्ट किए जाने की खबर है।

